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Tally Prime: TDS (Other Than Salary) theory, TDS Deduction, Challan Etc. Practical Using Tally. Reports Etc

  • Writer: Siddharth Sharma
    Siddharth Sharma
  • May 3
  • 4 min read
TDS (Tax Deducted at Source) 

TDS (Tax Deducted at Source) एक महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) तंत्र है, जिसे "Pay as you earn" के सिद्धांत पर लागू किया जाता है। टीली प्राइम (Tally Prime) में TDS का प्रबंधन न केवल गणना (Calculation) को आसान बनाता है, बल्कि सरकारी नियमों के अनुसार समय पर भुगतान और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करता है।

Pay as you earn

नीचे TDS (Other Than Salary) पर आधारित विस्तृत थ्योरी और प्रैक्टिकल गाइड दी गई है।

TDS

1. TDS (Other Than Salary): थ्योरी और अवधारणा

TDS क्या है? (What is TDS?)

TDS का अर्थ है 'स्रोत पर कर की कटौती'। जब कोई व्यक्ति या संस्था (Deductor) किसी अन्य व्यक्ति (Deductee) को विशिष्ट भुगतान (जैसे किराया, कमीशन, प्रोफेशनल फीस) करती है, तो उसे भुगतान की राशि से एक निश्चित प्रतिशत टैक्स काटकर शेष राशि का भुगतान करना होता है। काटा गया यह टैक्स सरकारी खजाने में जमा किया जाता है।


TDS 'Other Than Salary' का महत्व

सैलरी के अलावा कई ऐसे भुगतान होते हैं जिन पर TDS लागू होता है। इसके मुख्य सेक्शन्स (Sections) निम्नलिखित हैं:

  • Section 194C: ठेकेदारों (Contractors) को भुगतान।

  • Section 194J: प्रोफेशनल या तकनीकी सेवाओं के लिए फीस (जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डॉक्टर, सीए)।

  • Section 194H: कमीशन या ब्रोकरेज।

  • Section 194I: किराए (Rent) पर भुगतान (भूमि, भवन, या मशीनरी)।


मुख्य शब्दावली (Key Terminology)

  1. Deductor: वह व्यक्ति या कंपनी जो भुगतान कर रही है और टैक्स काट रही है।

  2. Deductee: वह व्यक्ति या फर्म जिसे भुगतान मिल रहा है और जिसका टैक्स कटा है।

  3. TAN (Tax Deduction Account Number): प्रत्येक Deductor के पास 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक TAN नंबर होना अनिवार्य है।

  4. Exemption Limit: प्रत्येक सेक्शन की एक निर्धारित सीमा होती है। यदि भुगतान उस सीमा से कम है, तो TDS नहीं काटा जाता।

2. Practical Steps: Tally Prime में TDS सेटअप

Tally Prime में TDS का प्रबंधन करने के लिए व्यवस्थित मास्टर क्रिएशन की आवश्यकता होती है।


Step 1: TDS फीचर को इनेबल करना (F11 Features)

  1. Gateway of Tally > F11 (Features) पर जाएं।

  2. Enable Tax Deducted at Source (TDS) को 'Yes' करें।

  3. अपनी कंपनी का TAN Registration Number और Deductor Type (Company/Individual) दर्ज करें।

Step 1: TDS फीचर को इनेबल करना (F11 Features)

Step 2: TDS Nature of Payment बनाना

यह सबसे महत्वपूर्ण मास्टर है क्योंकि यहाँ आप टैक्स रेट और लिमिट सेट करते हैं।

  1. Create > TDS Nature of Payments पर जाएं।

  2. नाम लिखें (जैसे: Professional Fees)।

  3. Section (जैसे: 194J) और Payment Code भरें।

  4. Rate of TDS (जैसे: 10%) दर्ज करें।

  5. Threshold/Exemption Limit (जैसे: ₹30,000) भरें।

Step 2: TDS Nature of Payment बनाना

Step 3: Ledgers तैयार करना

आपको तीन मुख्य लेजर बनाने होंगे:

  1. Expense Ledger: (जैसे: Audit Fees) इसे 'Direct/Indirect Expense' में रखें और 'Is TDS Applicable' को Applicable करें।

  2. Party Ledger (Deductee): इसे 'Sundry Creditor' में रखें। यहाँ Statutory Details में 'Is TDS Deductable' को 'Yes' करें और Deductee Type (जैसे: Company - Resident) चुनें।

  3. TDS Duty Ledger: इसे 'Duties & Taxes' के अंतर्गत बनाएं और Type में 'TDS' चुनें।

Step 3: Ledgers तैयार करना

3. TDS Deduction Transaction (प्रैक्टिकल एंट्री)

TDS की एंट्री आमतौर पर Journal Voucher (F7) में की जाती है ताकि खर्च और टैक्स की लायबिलिटी एक साथ बुक हो सके।

Booking Expense & Deducting TDS

मान लीजिए आपने ₹40,000 की 'Consultancy Services' ली हैं, जिस पर 10% TDS कटना है।

  1. Gateway of Tally > Vouchers > F7 (Journal)

  2. Debit: Consultancy Expense A/c — ₹40,000।

  3. Credit: Party A/c — ₹36,000।

  4. Credit: TDS on Professional Fees — ₹4,000। सिस्टम अपने आप ₹4,000 की गणना करेगा क्योंकि हमने मास्टर में 10% सेट किया था।

TDS Deduction Transaction

4. TDS Payment and Challan (सरकारी भुगतान)

टैक्स काटने के बाद उसे अगले महीने की 7 तारीख तक सरकार को जमा करना होता है।

Payment Entry

  1. Gateway of Tally > Vouchers > F5 (Payment)

  2. Autofill (Ctrl + F): 'Stat Payment' चुनें।

  3. Tax Type: TDS, Period: संबंधित महीना, Section: 194J चुनें।

  4. बैंक लेजर चुनें और भुगतान करें।

 TDS Payment and Challan

Generating Challan (ITNS 281)

भुगतान के बाद, Tally आपको Challan ITNS 281 प्रिंट करने का विकल्प देता है। इसमें BSR Code, Challan Number और Date जैसी जानकारी होती है, जिसे बाद में 'Challan Reconciliation' के लिए उपयोग किया जाता है।

5. TDS Reports and Compliance (रिपोर्ट्स)

Tally Prime में रिपोर्ट्स का मुख्य उद्देश्य रिटर्न फाइलिंग की तैयारी करना है।


1. TDS Outstandings

यह रिपोर्ट दिखाती है कि आपने कितना टैक्स काटा है लेकिन अभी तक सरकार को जमा नहीं किया है। Path: Gateway of Tally > Display More Reports > Statutory Reports > TDS Reports > TDS Outstandings।

TDS Outstandings

2. Form 26Q

'Other than Salary' के लिए Form 26Q सबसे महत्वपूर्ण रिपोर्ट है। यह तिमाही (Quarterly) फाइल की जाती है।

  • Included Transactions: वे एंट्रीज जो सही हैं।

  • Uncertain Transactions: वे एंट्रीज जिनमें पैन (PAN) नंबर या जानकारी अधूरी है। इन्हें ठीक करना (Correction) अनिवार्य है।


3. TDS Certificates (Form 16A)

Deductor को Deductee को एक प्रमाण पत्र देना होता है जिसे Form 16A कहते हैं। Tally से इसका डेटा आसानी से निकाला जा सकता है ताकि पार्टी अपना इनकम टैक्स रिटर्न क्लेम कर सके।

 TDS Certificates (Form 16A)

6. Important Points (महत्वपूर्ण तकनीकी बातें)

  • PAN का प्रभाव: यदि Deductee का PAN उपलब्ध नहीं है, तो Tally अपने आप 20% (Higher Rate) की दर से टैक्स काटता है।

  • Threshold Limit: यदि पूरे साल का कुल भुगतान लिमिट (जैसे ₹30,000) से कम है, तो Tally टैक्स नहीं काटेगा।

  • Lower Deduction: यदि पार्टी के पास इनकम टैक्स विभाग से 'Lower Deduction Certificate' है, तो Tally में उसकी सेटिंग करके कम रेट पर टैक्स काटा जा सकता है।

7. निष्कर्ष (Conclusion)

टीली प्राइम में TDS (Other Than Salary) का प्रबंधन डेटा की सटीकता और समय की बचत सुनिश्चित करता है। एक बार सही तरीके से Nature of Payment और Ledgers कॉन्फ़िगर हो जाने के बाद, यूजर को केवल ट्रांजेक्शन एंट्री करनी होती है; टैक्स कैलकुलेशन, चालान जनरेशन और फॉर्म 26Q की तैयारी सिस्टम स्वतः कर देता है। आईटी और कंप्यूटर विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए यह समझना आवश्यक है कि कैसे सॉफ्टवेयर 'Automation' के माध्यम से जटिल टैक्स कानूनों को सरल बनाता है।

इस प्रक्रिया का नियमित अभ्यास करने से Audit Errors कम होते हैं और बिज़नेस का वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) मजबूत होता है।

 
 
 

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