Payroll: Legal terms, PF, ESI, TDS, Etc. Setup with Tally - Process, Masters, Salary. Accounting. Reports
- Siddharth Sharma
- May 3
- 4 min read
Payroll Management किसी भी संस्था का वह महत्वपूर्ण हिस्सा है जो कर्मचारियों के वेतन (Salary), भत्ते (Allowances), कटौतियों (Deductions) और वैधानिक अनुपालनों (Statutory Compliances) को नियंत्रित करता है। Tally Prime में पेरोल मॉड्यूल इन सभी जटिल गणनाओं को ऑटोमैटिक तरीके से मैनेज करने की सुविधा देता है।
नीचे पेरोल के कानूनी पहलुओं और Tally में इसके सेटअप की विस्तृत व्याख्या दी गई है।

1. Payroll: Legal Terms and Statutory Components
पेरोल को समझने के लिए उससे जुड़े कानूनी और तकनीकी शब्दों को समझना अनिवार्य है:
A. Provident Fund (PF)
PF कर्मचारियों के लिए एक बचत योजना है। सरकारी नियमों के अनुसार, जिस संस्था में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहाँ PF लागू होता है।
Employee Contribution: कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा काटा जाता है।
Employer Contribution: एम्प्लॉयर भी समान हिस्सा देता है, जिसे आगे EPF और EPS (Pension Scheme) में विभाजित किया जाता है।
B. Employee State Insurance (ESI)
यह कर्मचारियों को स्वास्थ्य और चिकित्सा लाभ प्रदान करता है। यह उन कर्मचारियों पर लागू होता है जिनकी सैलरी एक निश्चित सीमा (जैसे ₹21,000) से कम है।
Employee Share: 0.75% of Gross Salary.
Employer Share: 3.25% of Gross Salary.
C. TDS on Salary (Income Tax)
आयकर अधिनियम के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी की वार्षिक आय टैक्स स्लैब की सीमा से अधिक है, तो एम्प्लॉयर को उसकी सैलरी से टैक्स (TDS) काटना होता है। यह Section 192 के अंतर्गत आता है।
D. Professional Tax (PT)
यह राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला टैक्स है। यह अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकता है और कर्मचारी की आय के आधार पर काटा जाता है।

2. Setting Up Payroll in Tally Prime
Tally Prime में पेरोल सेटअप एक चरणबद्ध प्रक्रिया (Step-by-step process) है।
Step 1: Enabling Payroll Features
Gateway of Tally > F11 (Features) पर जाएं।
Maintain Payroll को 'Yes' करें।
Enable Statutory Compliance (PF, ESI, TDS) को भी 'Yes' करें और अपनी कंपनी के रजिस्ट्रेशन विवरण दर्ज करें।

Step 2: Creating Payroll Masters
पेरोल चलाने के लिए आपको एक 'Information Hierarchy' बनानी होती है:
Employee Groups: कर्मचारियों को उनके विभाग के अनुसार वर्गीकृत करें (जैसे: Sales, HR, Production)।
Employees: यहाँ प्रत्येक कर्मचारी का नाम, डेट ऑफ जॉइनिंग, बैंक डिटेल्स, PAN और आधार नंबर दर्ज किया जाता है।
Units (Work): काम मापने की इकाई, जैसे Hrs (Hours), Mins (Minutes), या Days।
Attendance/Production Types: यहाँ उपस्थिति के प्रकार बनाए जाते हैं, जैसे Present, Absent, Leave without Pay, या Overtime।

3. Creating Pay Heads (वेतन के घटक)
Pay Heads वे लेजर हैं जो सैलरी के अलग-अलग हिस्सों को दर्शाते हैं। इन्हें सावधानीपूर्वक कॉन्फ़िगर करना होता है क्योंकि इनका सीधा असर टैक्सेशन पर पड़ता है।
Pay Head Type | Examples | Configuration Tip |
Earnings for Employees | Basic Pay, HRA, DA, Conveyance | इसे 'Fixed' या 'Variable' के रूप में सेट करें। |
Deductions from Employees | PF @ 12%, ESI @ 0.75%, PT | इसे 'Statutory Deduction' के रूप में चुनें। |
Employer’s Statutory Contributions | PF Admin Charges, EPS, EDLI | यह कंपनी के लिए खर्च है। |
Gratuity | Gratuity | लंबी अवधि की सेवा के बाद मिलने वाला लाभ। |
4. Salary Details Setup (वेतन संरचना)
एक बार पे-हेड्स बन जाने के बाद, हम प्रत्येक कर्मचारी के लिए Salary Details डिफाइन करते हैं।
यहाँ हम तय करते हैं कि किस कर्मचारी को कितनी Basic Pay मिलेगी और कौन से भत्ते (Allowances) उन पर लागू होंगे।
Tally में Effective From डेट का उपयोग करके आप भविष्य में होने वाली सैलरी बढ़ोतरी (Increment) को भी पहले से शेड्यूल कर सकते हैं।

5. Payroll Accounting Process (प्रैक्टिकल प्रक्रिया)
Tally में पेरोल को प्रोसेस करने के लिए दो मुख्य चरणों का पालन किया जाता है:
Phase 1: Recording Attendance (उपस्थिति दर्ज करना)
सैलरी बनाने से पहले यह पता होना चाहिए कि कर्मचारी कितने दिन काम पर आया।
इसके लिए Attendance Voucher (Ctrl + F4) का उपयोग होता है।
यहाँ प्रत्येक कर्मचारी की Absent या Overtime की जानकारी भरी जाती है।
Phase 2: Salary Processing (वेतन की गणना)
Tally में आपको मैन्युअल कैलकुलेशन करने की जरूरत नहीं होती।
Vouchers > F10 (Other Vouchers) > Payroll Voucher पर जाएं।
Autofill (Ctrl + F): यहाँ 'Payroll Auto Fill' चुनें।
Process Type: 'Salary Processing' चुनें।
सिस्टम अटेंडेंस और सैलरी डिफिनेशन के आधार पर अपने आप सबकी नेट सैलरी कैलकुलेट कर देगा।

6. Statutory Payments (वैधानिक भुगतान)
सैलरी बुक करने के बाद, काटा गया PF, ESI और TDS सरकार को जमा करना होता है। इसके लिए Stat Payment वाउचर का उपयोग किया जाता है।
Tally इन भुतानों के लिए चालान (Challan) अपने आप तैयार कर देता है।

7. Payroll Reports (रिपोर्ट्स और विश्लेषण)
डेटा एंट्री के बाद, प्रबंधन (Management) को विभिन्न रिपोर्ट्स की आवश्यकता होती है:
Pay Slip: यह कर्मचारी का व्यक्तिगत स्टेटमेंट है जिसमें उसकी ग्रॉस सैलरी और कटौतियों का विवरण होता है। Tally से इसे सीधे ईमेल भी किया जा सकता है।
Pay Sheet: पूरे विभाग या कंपनी के सभी कर्मचारियों की सैलरी का एक साथ विवरण देखने के लिए।
Payroll Statement: बैंक को भेजने के लिए सैलरी लिस्ट।
Attendance Reports: कर्मचारियों की छुट्टी और ओवरटाइम का विश्लेषण।
Statutory Reports: PF Returns, ESI Monthly Returns और Professional Tax की गणना।
8. Importance of Computerized Payroll in IT & CS
आईटी के क्षेत्र में, पेरोल मैनेजमेंट केवल डेटा एंट्री नहीं है, बल्कि यह Data Accuracy और System Integration का उदाहरण है।
Security: पेरोल डेटा बहुत संवेदनशील (Sensitive) होता है। Tally की सिक्योरिटी सेटिंग्स का उपयोग करके यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि केवल HR मैनेजर ही सैलरी देख सके।
Automation: बायोमेट्रिक मशीनों को Tally के साथ जोड़कर (Integration) अटेंडेंस डेटा को सीधे इम्पोर्ट किया जा सकता है, जिससे गलती की संभावना शून्य हो जाती है।

9. निष्कर्ष (Conclusion)
Tally Prime में पेरोल मॉड्यूल एक पूर्ण समाधान (Complete Solution) है जो एक छोटे बिज़नेस से लेकर बड़ी कॉर्पोरेट इकाइयों तक के लिए उपयोगी है। PF, ESI, और TDS जैसे कानूनी नियमों का पालन करना अब कठिन नहीं है क्योंकि सॉफ्टवेयर इन गणनाओं को पारदर्शी और सटीक बनाता है।
एक कंप्यूटर साइंस छात्र के रूप में, पेरोल के लॉजिक को समझना आपको यह सिखाता है कि कैसे एक सॉफ्टवेयर बिज़नेस के जटिल नियमों (Business Rules) को एक सरल यूजर इंटरफेस में बदल देता है। सही मास्टर्स सेटअप और सैलरी कॉन्फ़िगरेशन ही एक सफल पेरोल सिस्टम की नींव है।




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