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Fundamental of DOS & Windows: Detailed Notes

  • Writer: Siddharth Sharma
    Siddharth Sharma
  • Sep 20, 2025
  • 5 min read

DOS Booting Process (DOS बूटिंग प्रक्रिया)

जब आप कंप्यूटर को ऑन करते हैं, तो DOS (Disk Operating System) को लोड करने की प्रक्रिया को DOS बूटिंग प्रोसेस कहा जाता है। यह प्रक्रिया कुछ चरणों में पूरी होती है:

  1. BIOS (Basic Input/Output System) Initialisation: सबसे पहले, कंप्यूटर का BIOS एक्टिवेट होता है। यह एक छोटा प्रोग्राम है जो मदरबोर्ड पर स्थित होता है। इसका काम हार्डवेयर को चेक करना होता है, जैसे RAM, कीबोर्ड, और डिस्क ड्राइव। इस प्रक्रिया को POST (Power-On Self Test) कहते हैं।

  2. Locating the Bootable Drive: BIOS सभी उपलब्ध ड्राइव्स (जैसे हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क, या CD-ROM) को स्कैन करता है ताकि बूटable ड्राइव का पता लगाया जा सके। यह प्रायोरिटी BIOS सेटिंग्स के अनुसार होती है।

  3. Loading the Boot Sector: जब बूटable ड्राइव मिल जाती है, तो BIOS उस ड्राइव के पहले सेक्टर (जिसे Boot Sector कहते हैं) से कोड को मेमोरी में लोड करता है। इस कोड का मुख्य काम ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड करना होता है।

  4. Loading Core DOS Files: बूट सेक्टर में मौजूद प्रोग्राम दो मुख्य DOS फाइलों को मेमोरी में लोड करता है:

    • IO.SYS: यह फाइल इनपुट/आउटपुट ऑपरेशंस (जैसे कीबोर्ड और स्क्रीन) को मैनेज करती है।

    • MSDOS.SYS: यह फाइल DOS का मुख्य कोर होता है जो फाइल सिस्टम और मेमोरी मैनेजमेंट को संभालता है।

  5. Executing CONFIG.SYS and COMMAND.COM: इसके बाद, DOS बूट ड्राइव पर CONFIG.SYS फाइल की तलाश करता है। अगर यह फाइल मिलती है, तो इसमें दिए गए कॉन्फ़िगरेशन सेटिंग्स को प्रोसेस किया जाता है। फिर, COMMAND.COM फाइल लोड होती है, जो DOS का कमांड इंटरप्रेटर है। यह यूजर से कमांड लेने और उन्हें एग्जीक्यूट करने का काम करता है।

  6. Running AUTOEXEC.BAT: अंत में, DOS AUTOEXEC.BAT फाइल को ढूंढ़ता है। यह एक बैच फाइल होती है जिसमें ऑटोमेटिकली एग्जीक्यूट होने वाले कमांड्स होते हैं, जैसे कि पाथ सेट करना या कुछ प्रोग्राम्स को स्वचालित रूप से चलाना। इस प्रक्रिया के पूरा होने पर, DOS प्रॉम्प्ट C:\> स्क्रीन पर दिखाई देता है, जिसका मतलब है कि सिस्टम उपयोग के लिए तैयार है।


DOS OS CUI
DOS OS CUI

DOS Commands (DOS कमांड्स)

DOS में कमांड्स दो प्रकार के होते हैं: Internal Commands और External Commands

Internal Commands (आंतरिक कमांड्स)

ये वो कमांड्स हैं जो COMMAND.COM फाइल के अंदर ही होते हैं। जब आप इन कमांड्स को टाइप करते हैं, तो DOS उन्हें तुरंत एग्जीक्यूट कर देता है क्योंकि वे मेमोरी में पहले से ही मौजूद होते हैं। इन्हें चलाने के लिए किसी बाहरी फाइल की आवश्यकता नहीं होती।

  • Examples of Internal Commands:

    • DIR: वर्तमान डायरेक्टरी में मौजूद फाइल्स और सब-डायरेक्टरीज़ की लिस्ट दिखाता है।

    • CD (Change Directory): डायरेक्टरी बदलने के लिए उपयोग किया जाता है।

    • COPY: एक या एक से अधिक फाइल्स को कॉपी करता है।

    • DEL (Delete): फाइल्स को डिलीट करता है।

    • REN (Rename): फाइल्स या डायरेक्टरीज़ का नाम बदलने के लिए उपयोग होता है।

    • MD (Make Directory): एक नई डायरेक्टरी बनाने के लिए।

    • TIME: सिस्टम का वर्तमान समय दिखाता है और उसे बदलने की अनुमति देता है।

    • DATE: सिस्टम की वर्तमान तारीख दिखाता है और उसे बदलने की अनुमति देता है।

    • CLS (Clear Screen): स्क्रीन को साफ़ करता है।

External Commands (बाहरी कमांड्स)

ये वो कमांड्स हैं जो COMMAND.COM का हिस्सा नहीं होते। इन्हें चलाने के लिए, इनकी एग्जीक्यूटेबल फाइल (जैसे .EXE, .COM, या .BAT) डिस्क पर मौजूद होनी चाहिए। जब आप इन कमांड्स को टाइप करते हैं, तो DOS पहले इनकी फाइल को डिस्क पर ढूंढता है और फिर उसे एग्जीक्यूट करता है।

  • Examples of External Commands:

    • FORMAT: डिस्क को फॉर्मेट करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह डिस्क पर मौजूद सभी डेटा को मिटा देता है।

    • DISKCOPY: एक फ्लॉपी डिस्क की पूरी सामग्री को दूसरी फ्लॉपी डिस्क पर कॉपी करता है।

    • FDISK: हार्ड डिस्क को पार्टीशन करने के लिए उपयोग होता है।

    • CHKDSK (Check Disk): डिस्क की स्थिति (स्टेटस) की जाँच करता है और उसमें मौजूद एरर्स को ठीक करता है।

    • ATTRIB (Attribute): फाइल्स के एट्रीब्यूट्स (जैसे Read-Only, Hidden, System, Archive) को बदलने या देखने के लिए।

    • EDIT: एक बेसिक टेक्स्ट एडिटर है जिसका उपयोग फाइल्स को बनाने या एडिट करने के लिए किया जाता है।

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      Internal vs. External Commands

Feature

Internal Commands

External Commands

Location

Stored within COMMAND.COM file in RAM.

Stored as separate files (.COM, .EXE, .BAT) on disk.

Execution

Execute instantly as they are in memory.

Require DOS to locate and load the file from disk.

Need for File

Do not require an external file to run.

Require a specific file to be present on the disk to run.

Examples

DIR, CD, COPY, DEL, MD, TIME

FORMAT, DISKCOPY, CHKDSK, FDISK, ATTRIB

 

इन कमांड्स के सही उपयोग को समझना DOS में काम करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

Windows Fundamentals (विंडोज के मूल सिद्धांत)

Windows, DOS से बिलकुल अलग है क्योंकि यह एक GUI (Graphical User Interface) ऑपरेटिंग सिस्टम है। DOS एक CUI (Character User Interface) था।

  • GUI: ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस में, उपयोगकर्ता आइकन्स, बटन्स, और विंडोज का उपयोग करके सिस्टम के साथ इंटरैक्ट करता है। इसमें माउस का उपयोग मुख्य होता है।

  • CUI: कैरेक्टर यूजर इंटरफ़ेस में, उपयोगकर्ता को कमांड्स टाइप करके सिस्टम के साथ इंटरैक्ट करना होता था।

Windows, DOS के ऊपर ही बना था (शुरुआती वर्ज़न्स में) लेकिन बाद में यह एक स्वतंत्र और मजबूत ऑपरेटिंग सिस्टम बन गया। Windows के कुछ मूलभूत सिद्धांत निम्नलिखित हैं:

  • Multi-Tasking: Windows आपको एक ही समय में कई प्रोग्राम्स को चलाने की अनुमति देता है। आप एक साथ म्यूजिक सुन सकते हैं, ब्राउज़िंग कर सकते हैं, और एक डॉक्यूमेंट पर काम कर सकते हैं।

  • Object-Oriented Interface: विंडोज में सब कुछ एक ऑब्जेक्ट होता है, जैसे फाइल, फोल्डर, या आइकॉन। हर ऑब्जेक्ट के अपने गुण (properties) और क्रियाएं (actions) होती हैं।

  • File and Folder Structure: विंडोज में, फाइल्स और फोल्डर्स को एक ट्री-लाइक स्ट्रक्चर में व्यवस्थित किया जाता है, जहाँ एक ड्राइव के अंदर फोल्डर्स और उनके अंदर सब-फोल्डर्स होते हैं।

  • Plug and Play: यह एक ऐसी सुविधा है जो नए हार्डवेयर को स्वचालित रूप से पहचानती और कॉन्फ़िगर करती है, जिससे उपयोगकर्ता को मैन्युअल इंस्टॉलेशन की आवश्यकता नहीं होती।

Windows का विकास CUI से GUI में एक बड़ा कदम था, जिसने कंप्यूटर को आम लोगों के लिए आसान और सुलभ बना दिया।

DOS vs. Windows

Feature

DOS (Disk Operating System)

Windows

Interface

CUI (Character User Interface) - Text-based, requires typed commands.

GUI (Graphical User Interface) - Visual, uses icons, windows, and a mouse.

User Interaction

User interacts by typing commands at a prompt (C:\>).

User interacts by clicking on icons and menus.

Multitasking

Single-tasking (early versions) - Only one program can run at a time.

Multi-tasking - Multiple programs can run concurrently.

User Friendliness

Less user-friendly, requires knowledge of commands.

Much more user-friendly and intuitive for a broader audience.

Core Structure

A simple command-line system.

Built on a more complex, object-oriented framework.

 

 
 
 

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